Holy Quran
सूरह At-Tin
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1 क़सम है अंजीर की! तथा ज़ैतून की!
2 एवं "तूरे सीनीन" की क़सम!
3 और इस शान्ति वाले नगर की क़सम!
4 निःसंदेह हमने इनसान को सबसे अच्छी संरचना में पैदा किया है।
5 फिर हमने उसे सबसे नीची हालत की ओर लौटा दिया।
6 परंतु जो लोग ईमान लाए तथा उन्होंने सत्कर्म किए, उनके लिए समाप्त न होने वाला बदला है।
7 फिर (ऐ मनुष्य) तुझे कौन-सी चीज़ बदले (के दिन) को झुठलाने पर आमादा करती है?
8 क्या अल्लाह सब हाकिमों से बड़ा हाकिम नहीं है?